Osam Dairy Success Story in Hindi

अगर आप रांची, झारखण्ड से हैं तो आपने ओसम डेरी के बारे में सुना होगा. जानिए इनके business की success स्टोरी के बारे में|

बुजुर्गो के द्वारा कही हुई बात, “कोई भी कार्य छोटा नहीं होता” इस बात का जीता जागता उदाहरण राँची में अभिनव शाह, राकेश शर्मा, अभिषेक राज एवं हर्ष ठक्कर के रूप में मौजूद है|

आज अपने अच्छे जीवन के लिए लोग किसी भी कार्य को करने के लिए जुझारू है| आज लोगो के द्वारा किसी भी कार्य को बड़े चाव से किया जा रहा है, जिसमे कुछ को सफलता हासिल होती है और कुछ असफल रहते है | सफल व्यक्ति आज के नवयुवक के लिए प्रेरणादायक बन रहे है| आइए जानते है इन नौवयुवको के बारे में |

Osam Dairy Success Business Story

आज के युवक सरकारी नौकरी के लिए कड़ी मेहनत करते है परन्तु सरकारी नौकरी के अलावा हमारे आस पास ऐसे व्यापार है जो हमे अच्छे मुकाम तक पंहुचा सकते है | ऐसे व्यापार का एक अच्छा उदाहरण झारखण्ड राज्य के
राजधानी राँची में स्थित HR Food Processing Pvt Ltd है|

इस कंपनी की स्थापना अभिनव शाह, राकेश शर्मा, अभिषेक राज एवं हर्ष ठक्कर के द्वारा की गई| इस कंपनी के तहत इन्होने ओसम ब्रांड के दूध का उत्पादन किया जाता है, और इनका लक्ष्य इस ब्रांड को सभी लोगो तक पहुचाने का है |

कैसे हुई company की शुरुआत?

अभिनव, राकेश एवं अभिषेक अच्छे मित्र एवं business partner है, इन्होने अपनी पढाई एक साथ की और तीनो एक साथ 2004 में CA क्वालीफाई किया | CA की पढाई समाप्त होने के उपरांत अभिनव फाइनांस, राकेश पब्लिशिंग एवं अभिषेक टेलिकॉम कंपनी join किया |

इन सभी का कार्य अच्छे से चल रहा था परन्तु इन्हें इस कार्य में मन नहीं लगा और 8 साल कार्य करने के उपरांत तीनो दोस्त नौकरी छोड़ने का फैसला किया |

नौकरी छोड़ने के बाद इन्होने राँची में एचआर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को स्थापित किया जिसका CEO अभिनव शाह को बनाया गया एवं अन्य दोनों डायरेक्टर के रूप में जाने जाते है |

इन तीनो के इस प्लान को देखकर हर्ष ठक्कर इनकी सहायता के लिए इनके साथ शामिल हुए | हर्ष का पारिवारिक व्यापार था, जिसका अनुभव बाकियों को काफी मददगार शाबित हुआ | इस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तहत इन्होने डेयरी का संचालन आरम्भ किया, और बाजार में ओसम ब्रांड का dairy product दूध, दही, लस्सी, मखन, पनीर आदि बनाना शुरू किया किया|

Dairy farm setup in Ranchi

अपने काम के लिए ओरमांझी के पास स्थित सिकिदरी में dairy फार्म खोला | Dairy के लिए गाय पंजाब से लाई गई, और इन गायों के साथ dairy का उत्पादन आरम्भ किया | आज इस फार्म में लगभग 110 से भी अधिक गाये मौजूद है |

काम को सीखने की शुरुआत कैसे हुई?

गाय लाने के बाद इन्हें dairy के कामकाज का ज्ञान नहीं होने के कारण काफी दिक्कते आई, तब अभिनव कानपुर चले गये और वहाँ से इन्होने dairy farming कोर्स किया|

इस कोर्स को करने के उपरांत ये अपने dairy का संचालन बड़े आसानी से करने लगे और डेयरी को पुरे तरह से स्वास्थ्यवर्धक एवं जर्म फ्री बनाने के लिए कई प्रकार के प्रयोग करने लगे|

Invest कहाँ से आई?

Dairy में होने वाले उत्पाद को बाजार में लाकर बेचा जाने लगा लेकिन दूध की मांग पूरी पूरी नहीं हो पाई | तब इन्होने अपने व्यापार को बढ़ाने का सोचा और पतरातू में 44,000 feet2 के area में प्लांट की स्थापना की गई |

इनके द्वारा इस प्लांट को स्थापित करने का उद्देश्य अपने product को लम्बे समय तक रखने एवं अधिक लोगो तक पहुचाने का है | इस प्लांट को स्थापित करने के लिए इन्हें फाइनेंस की आवश्यकता थी जिसके लिए मुंबई के फाइनांस company Aavishkaar India Company Ltd. से मदद ली गई |

मुंबई के इस फाइनांस कंपनी के मदद के साथ इसके सीईओ अभिनव का यह लक्ष्य है की वे रोजाना एक लाख लीटर दूध का उत्पादन कर सके एवं बाजार में लोगो को रोजाना 60,000 लीटर दूध की पूर्ति कर सके | इससे यह बात साबित होती है की अगर कोई भी कार्य लगन और knowledge के साथ किया जाये, फिर चाहे वह business ही क्यों ना हो तो उसमें सफलता जरुर मिलती है

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