Tree farming in Hindi – पेड़ो की खेती से कमाई

अगर आप India में tree farming की सोच रहे है, तो ये काफी फायदे का साबित हो सकता है। जैसा की हम सभी जानते है की यहाँ की जलवायु tree plantation के लिए काफी अनुकूल है । यहाँ के जलवायु के तहत आप कई तरह के पेड़ो को लगा सकते है

अगर tree farming को थोड़े scientific तरीके से करेंगे ये काफी फायदे का काम है। Market में जिस लकड़ी की अच्छी demand है, आप उस तरह के पेड़ो को अपने plot पर लगा सकते है । आप ऐसे पेड़ लगा सकते हैं जो की आपके प्रदेश के जलवायु के अनुकूल हो और आपके क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध हो

इनमे से एक है Poplar Tree, जिसकी आप खेती कर कम मेहनत और कम समय में अच्छे पैसे कम सकते है । तो आइये जानते है Poplar Tree के बारे में ।

Tree Farming Business scope in India

Poplar Tree भारत में पाए जाने वाला एक प्रकार का वृक्ष है । पिछले दशक से भारत के कई लोग इसका खेती बड़े जोर सोर से कर रहे है, क्योंकि ये पेड़ सबसे अच्छा और सबसे लोकप्रिय लकड़ी उत्पादित करने वाले पेड़ो में से एक है।

Poplar Tree का वृधि दर बाकि पेड़ो के तुलना में काफी अधिक है, और दूसरों पेड़ो की अपेक्षा काफी तेजी से बढ़ता है । इस पेड़ के लकड़ी का इस्तेमाल लकड़ी और कागज उद्योगों में बहुतायत में होता है । व्यावसाय के क्षेत्र में इसका अपना स्थान बना हुआ है ।

Tree Plantation Business का काम कैसे शुरू करे?

आने वाले वक़्त में Poplar tree की demand और बढ़ने वाली है ऐसे में ये वक़्त इस पेड़ को लगाने का सही वक़्त है।

हर तरह की खेती की अलग तरीके से की जाती है, ऐसे ही हर पेड़ को अलग तरह के वातावरण या requirement की ज़रूरत होती है। जानते है tree फार्मिंग की ज़रूरतों के बारे में।

घेरा बंदी / Fencing

आपको पेड़ लगाने से पहले, पुरे plot (जमीन) का घेराव करना पड़ेगा ताकि इसे जानवर खा न जाये, या नुक्सान ना पंहुचा दे ।

क्यूंकि शुरुवात में पौधे काफी छोटे होते है (मुस्किल से 1 से 3 feet), अतः यह सुनिश्चित करना जरुरी है की आपके पुरे plot की घेराबंदी अच्छे से हो । शुरुवात में boundary wall की 5 से 6 feet की उचाई ठीक रहेगी ताकि गाय, भेड़ या बकरी आ कर पौधे को खा न जाये ।

इसके लिए आप चाहे तो दीवाल (boundary wall) पुरे plot के किनारे किनारे खड़ा कर सकते है या फिर fencing (कटीले तारों) से घेराव कर सकते है ।

इसके अलावे जब पेड़ 2 साल के हो जाये तब आपको boundary wall की उचाई थोड़ी बढ़नी कर सकते है या फिर permanent किसी security guard को वहां तैनात करना होगा ताकि कोई पेड़ो को काट न सके ।

Poplar Tree Production State in India

भारत के जलवायु एवं मिट्टी Poplar Tree के उत्पादन के लिए वरदान के समान है । भारत के सभी हिस्सों में इसका उत्पादन होता है, परन्तु कुछ राज्यों में इसका उत्पादन बहुत ही कम होता है, और जो पेड़ तैयार भी होते है वह बिकुल कमजोर होते है, परन्तु कुछ हिस्सो में इसका उत्पादन बहुत अधिक मात्र में और अच्छी किस्म का होता है, जो निन्मलिखित है –

  • अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)
  • हरियाणा (Haryana)
  • पंजाब (Punjab)
  • उत्तराखण्ड (Uttarakhand)
  • उत्तर-प्रदेश (Uttar Pradesh)
  • हिमाचलप्रदेश (Himachal Pradesh)
  • जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)
  • पश्चिमी-बंगाल (West Bengal)

Poplar Tree के फायदे

Poplar Tree का इस्तेमाल व्यवसाय क्षेत्र में अधिकतर पाया गया है, इसका आम तौर पर इस्तेमाल लकड़ी उद्योग और कागज उद्योग में ज्यादातर पाया जाता है । इसका इस्तेमाल मुख्यतः निम्न चीजो के निर्माण में होता है –

  • Furniture
  • Paper
  • Pencil
  • Plywood
  • Sports goods
  • Match-splints

Poplar Tree से कमाई

यु तो आए दिन मंडी में कई तरह के उतार चड़ाव के कारण इसके दाम में भी उतार चड़ाव अक्सर देखने को मिलते है । पिछले साल ये देखने को मिला है की इसके दाम में भरी गिरावट आई थी, जहा इसका मूल्य Rs 1,200/quintal थी ये गिर कर Rs 600/quintal हो गई थी।

Poplar की उचाई और लम्बाई

अगर कृषक अच्छे देखरेख में इस पेड़ का खेती करे तो यह कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का एक अहम् साधन हो सकता है । भारत में इस पेड़ की लम्बाई 5 से 7 साल में लगभग 85 फ़ीट और मोटाई 36 इंच तक का व्यास (Diameter) होता है ।

इसके साथ आप छोटा सा तालाब रख कर उसमें मछली पालन भी कर सकते है जिससे पेड़ों को सालों भर पानी मिलता रहेगा ।

Varieties of Poplar Trees In India

भारत में अनेक प्रकार के Poplar Tree पाए जाते है, जिनमे से भारतीये व्यवसाय में कुछ चुनिन्दा किस्मे है जिसका खेती किया जाता है । कृषकों के लिए व्यापारिक स्तर “उदय” किस्म का पोपलर पेड़ का उपज बहुत ही उत्तम है । इसके अलावा और भी बहुत से किस्मे है, जो निन्मलिखित है –

  • W-22
  • S-7 C-8
  • W-39
  • W-101
  • W-109
  • W-81
  • S-7
  • C-15

इन सभी में S-7 C-8 और S-7 C-15 एकमात्र ऐसा किस्म है जो कृषको के लिए व्यवासिक स्तर पर लाभदायक है, और साथ ही इसकी उपज बलुई मिट्टी (clay loamy soil) में काफी अच्छा होता है ।

Climate for Poplar Tree Farming

Poplar Trees शीतोष्ण जलवायु (Temperate climate) में ही बढ़ पाते है । Poplar Tree का बढ़ने का सबसे कामयाब नियुनतम 5 डिग्री और अधिकतम तापमान 45 डिग्री होता है । ठण्ड के दिनों में इसका विकास नहीं के बराबर होता है । इस पेड़ के विकास में इसके जड़ के मिट्टी को सूर्य की रौशनी और प्रयाप्त मात्र में नमी की आवश्यकता होती है ।

Soil Required for Poplar Tree

आम तौर पर ये देखने को मिलता है, की Poplar Tree की उपज बलुई मिट्टी (loamy soils) में अच्छी उपज होती है। परन्तु ये भी देखने को मिलता है, की बलुई मिट्टी के साथ चिकनी बलुई मिट्टी (clay loam soil) और दोमट बलुई मिट्टी (sandy loam soils) में भी इसका उपज अच्छा होता है। क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में इस पेड़ का विकास नहीं हो पाता है।

अगर आप Poplar Tree का अच्छा विकास और गुणवत्ता चाहते है, तो पेड़ लगाने से पहले मिट्टी की जाच करा ले की इसका PH मान 6 से 8।5 के बीच का हो।

Planting Period

सभी पेड़ो को लगाने का एक निश्चित समय होता है, इसके निर्धारित समय पर अगर पेड़ो का planting किया जाए तो ये बेहद ही अच्छा होगा। इसीलिए सही समय पे सही पेड़ का लगाना बेहत जरुरी है, जैसे

Time Height of Plant

Last Week of December – 15 January 5 mtr

2nd Week of January – 15 Feb 4-5 mtr

2nd Week of February – 10 Mar 3-4 mtr

Planting and Spacing in Poplar Tree Farming

Poplar Tree को खेतो में लगाने से पूर्व, एक स्वच्छ पानी से भरा हुआ गढ्ढे में नर्सरी से लाए गई पौधे को 2 से 3 दिनों तक रखा जाता है, जिससे इस पेड़ में dehydration या नमी के नुकसान को रोका जाता है । Poplar Tree के खेती के लिए सही समय के लिए आवश्यक है, अगर इसे सही समय पर नहीं लगाया जाता है तो कई पेड़ तो मर जाते है, और कई पेड़ो का विकास अच्छे से नहीं हो पाता है ।

इस पेड़ को लगाने के लिए हमे 1 मीटर गहरा और 15 CM व्यास वाले एक गढ्ढे का निर्माण करे । अब पेड़ को इस गढ्ढे में लगाकर इसे मिट्टी से भर दे, पर ध्यान रहे की मिट्टी में इन चीजो का मिश्रण होना चाहिए

  • 2 kg farm yard manure (F।M।Y)
  • 25 grams of MOP
  • 50 grams of SSP

मिट्टी का भराव के समय ये धियान दे की गढ्ढे का उपरी 10 CM भाग पानी के जमाव के लिए खली रहे, जिससे पेड़ के विकास के लिए मिट्टी में नमी बरक़रार रहेगा ।

इन सभी चीजों के अलावा आपको यह ध्यान में रखना होगा की, अपने State Government से tree farming के लिए proper licence ले लें ताकि बाद में आपको पेड़ कटाने और बेचने में किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।

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